हैक हुए सैकड़ों यूट्यूब चैनल, गूगल सिक्योरिटी की खुली पोल

रॉक स्टार केआरजी द डॉन, कॉमेडियन स्टीवी टी, भगवत कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर, पत्रकार धीरज कुमार, साउथ इंडियन अभिनेत्री लक्ष्मी मंचू और राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप सिंह में क्या समानता हो सकती है? जरा गौर से सोचिए। अगर आपके लिए इस सवाल का उत्तर देना मुश्किल हो रहा है तो हम आपकी मुश्किल आसान कर देते हैं। इन सबके पास अपने यूट्यूब चैनल हैं जो हैकरों के हमले का शिकार हो चुके हैं।

केआरजी द डॉन के चैनल पर उनके म्युजिक वीडियो हैं जिनकी अच्छी खासी लोकप्रियता है। खबर है कि हैकरों ने उन्हें डिलीट नहीं किया है और उनसे चैनल वापस करने के बदले मोटी रकम की मांग की जा रही है। उन्होंने हैकरों से हुए व्हाट्सएप्प चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

कॉमेडियन स्टीवी टी के चैनल को भी हैकरों ने उड़ा लिया। उनके चैनल का नाम और कंटेंट भी बदल दिया गया। उन्होंने बेहद दुखी मन से एक ट्विटर चैनल शुरू कर इसकी जानकारी दी है।

मथुरा के भागवत वक्ता एवं आध्यात्मिक धर्म गुरू देवकीनंदन ठाकुर के धार्मिक यूट्यूब चैनलों को भी हैकरों द्वारा हैक कर आपत्तिजनक कंटेट प्रसारित करने का मामला प्रकाश में आया है। संस्था की ओर से इसकी शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज करायी गयी है। वहीं टीम यूट्यूब को भी सूचना दी गयी है। जिसके बाद 3 चैनलों को रिकवर कर लिया गया। हैकरों ने इन चैनलों के नाम बदलकर एसएनएस न्यूज लाइव कर दिया। इन पर आपत्तिजनक कार्यक्रम लाइव दिखाया जा रहा था। इन आध्यात्मिक चैनलों से करीब 40 लाख भक्त जुड़े हुए हैं।

धीरज कुमार के तेजी से उभरते चैनल ‘ड्रामा सीरीज इंडियन’ को भी अचानक हैक कर लिया गया। इस चैनल पर भारतीय कलाकारों और गीतों से जुड़ी कहानियां व उनके विश्लेषण प्रस्तुत किये जाते हैं। हैकरों ने उनके चैनल का नाम बदल कर ‘इथीरियम लाइव न्यूज’ कर दिया और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित किया जिससे यूट्यूब ने चैनल को डिलीट कर दिया। धीरज कुमार ने इसकी सूचना ट्विटर पर दी है।

दक्षिण भारत की प्रसिद्ध अभिनेत्री लक्ष्मी मंचू का यूट्यूब चैनल ‘चिट्टी चिलकम्मा’ भी हैक हो गया है। इसकी जानकारी लक्ष्मी ने ट्वीट कर के दी है।

राजनीतिक विश्लेषक प्रदीप सिंह का यूट्यूब चैनल ‘आपका अखबार’ भी इथीरियम के हत्थे चढ़ गया और आपत्तिजनक प्रसारण के बाद डिलीट कर दिया गया। उन्होंने यह जानकारी ट्विटर पर एक वीडियो संदेश के जरिये दी है।

इन ट्विटर संदेशों पर कई प्रतिक्रियाएं आयी हैं। कुछ तो यहां तक कह रहे हैं कि गूगल के कुछ कर्मचारी भी इसमें सीधे तौर पर संलग्न हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि भारी सब्सक्राइबर संख्या वाले सैकड़ों अकाउंट हैक हो चुके हैं और गूगल इन्हें जल्दी वापस दिला पाने में नाकाम है। आमतौर पर हैक हुए अकाउंटों को रिकवर करने में डिवाइस या निजी जानकारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन गूगल अपने अकाउंट होल्डरों को यह अवसर ही नहीं दे पा रहा है। हैकर गूगल के सिक्योरिटी सिस्टम में घुस कर उसकी डिवाइस हिस्ट्री तक उड़ा चुके हैं। साफ है कि इस गड़बड़झाले ने गूगल की कमजोर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।